गंगोत्री, यमुनोत्री, बद्रीनाथ, केदारनाथ की चार धाम यात्रा पर संशय, मंदिर के पुजारी डिजिटल पूजा दर्शन को तैयार

कोरोना वायरस को लेकर नेशनल लॉकडाउन के बीच उत्तराखंड की चार धाम यात्रा पर संशय के बादल मंडरा रहे हैं क्योंकि अप्रैल के आखिरी हफ्ते में गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ मंदिर का कपाट खुलना है। छह महीने तक चलने वाली चार धाम यात्रा के लिए गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट 26 अप्रैल, केदारनाथ धाम का कपाट 29 अप्रैल और बद्रीनाथ धाम का कपाट 30 अप्रैल को खुलना है। मंदिरों से जुड़े पुजारी और अधिकारियों का कहना है कि कोरोना को लेकर माहौल और स्थिति ठीक नहीं हुई तो वो डिजिटल पूजा दर्शन कराना पसंद करेंगे।

गंगोत्री धाम कमिटी के सचिव दीपक सेमवाल ने कहा कि कोरोना वायरस के कारण अगर श्रद्धालुओं को आने की इजाजत नहीं मिलती है तो भी पुजारी परंपरा के अनुसार पूजा-पाठ करेंगे। उन्होंने कहा कि कपाट खोलने का एक शुभ मुहुर्त होता है और उसे टाला नहीं जा सकता। हम कपाट खोलने के दौरान भी कोरोना को लेकर सरकार के सारे निर्देशों का पालन करेंगे और कोई भीड़ नहीं लगने देंगे।

सेमवाल ने कहा कि श्रद्धालुओं के पास पूजा के लिए स्लॉट ऑनलाइन बुक करने का विकल्प है और कोरोना संकट को देखते हुए डिजिटल तरीके से पूजा-दर्शन सुरक्षित रहेगा। उन्होंने बताया कि मंदिर के गर्भगृह के अंदर फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी प्रतिबंधित है इसलिए उसके अलावा बाकी सारे पूजा-पाठ और कपाट खोलने को ऑनलाइन देखा जा सकता है।

उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने फरवरी में ऐलान किया था कि दुनिया भर के श्रद्धालु चार धाम के अलावा राज्य के प्रमुख मंदिरों का ऑनलाइन दर्शन कर सकेंगे। उन्होंने कहा था कि इससे उन भक्तों को मदद होगी जो शारीरिक दिक्कतों या अन्य वजहों से चार धाम नहीं आ पाते। बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी हरीश गौर ने कहा कि सारे धाम तय तारीख पर खुलेंगे लेकिन कोरोना वायरस के मद्देनजर सरकारी गाइडलाइंस के मुताबिक खास एहतियात बरती जाएगी।

Source: Live Hindustan